अब वक्त ने बदला है पासा


अब वक्त ने बदला है पासा,
बनना है लोहे से काँसा।
काँसे से बनना है सोना,
सोने से फिर कुन्दन होना।
अब समय नहीं घबराने का,
यूँ ही पत्थर बन जाने का।
गलना होगा, जलना होगा;
इन राहों पे चलना होगा।
ये राहें राह दिखायेंगी,
ये वक्त सुनहरा लायेंगी।।

Comments

Popular posts from this blog

ये खोज अंतर्मुखी है...

EVM Politics in UP Assembly Elections

The Dark and Gloomy Night is over!