चुलबुली लड़की

जब हँसती है,
अपनी हँसी से सारा जग हरसाती है।
इक चुलबुली लड़की।

जब वो रोती है,
मुझको भी संग में रुलाती है।
इक चुलबुली लड़की।

जब मुझसे बातें करती है,
लगता है बस इसकी बातों में बस जाऊँ।
जब वो उलझे बाल सँवारे,
मैं कंघी बनकर के बालों में फ़ँस जाऊँ।

लेकिन मैं मजबूर बहुत हूँ,
सच्चाई से दूर बहुत हूँ।
जिस चुलबुली लड़की ने मेरा दिल भरमाया है,
वो मेरी कल्पना है, निरी माया है।

पर अपनी इस कल्पना के साथ मैंने जी है जिन्दगी,
औरों के लिये रहस्य, लेकिन मेरी यही है जिन्दगी।

Comments

  1. आपकी कल्पना साकार हो। आपकी चुलुबुली लड़की आपके लिये असलियत बने।

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  2. चुलबुली लड़की के रूप में आपकी कल्पना ! ख्याल अच्छा है ।

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  3. कल्पना कही दूर जगत से नहीं हैं आती,
    वो जो नजरों में बैठा है तुम्हारे उसे हृदय के
    और करीब लाती है…
    बहुत लुभावने ढ़ंग से प्रस्तुत किया…अत्यंत सरल पर कांची सी भावना से परिपूर्ण…धन्यवाद>>>

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  4. This comment has been removed by a blog administrator.

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  5. चुलबुली लड़की मिल गई है या खोज रहे हैं

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  6. Us chulbuli ladki ki khoj aaj bhi jaari hai. ;)

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